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मौन में बात

मौन में बात

आवाज़ों में से संवाद चुराकर
कह देना अपना मौन
चुप्पी का एकालाप मत बुनना
मेरे लिए

मौन की अपनी एक भाषा है
दो दिलों के बीच में
जब निःशब्द होता है
तब प्रेम होता है
मौन

पक्षियों की देह और फरों के बीच
जब दबा होता है
तब उड़ान होता है
मौन

भीतर से ही, दबे हुए..
आकाश छू लेने का सपना देख लेता है
जब मैं नज़रे उठता हूँ
आसमान की ओर
तब रंगीन बादल होता है
मौन

जब तुम मुझे सुनना चाहो
तो मेरे मौन को सुन लेना
अक़्सर
मेरी आवाज़ होता है
मौन

– धर्मेन्द्र अहिरवार

PC – Creative Commons Zero (CC0) license.

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